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चले बाराती भोलेनाथ की शादी लिरिक्स (हंसराज रघुवंशी)

दूल्हा बने हैं भोले बाबा लिरिक्स (अभिलिप्सा पांडा)

हर रात्रि शिवरात्रि है लिरिक्स (हंसराज रघुवंशी)

जैसे शिव गौरा का प्यार लिरिक्स (हंसराज रघुवंशी)

नगर में जोगी आया लिरिक्स (हंसराज रघुवंशी)