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Maneesh
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आदेश महाकाली-2 लिरिक्स
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| आदेश महाकाली - 2 लिरिक्स |
Chant : Samaiya Series Music
Presented By : Mahakali Records 54
Genre : Dark Devotional / Sabar Mantra
आदेश महाकाली-2 लिरिक्स
कपाल जगे, जगे चामुण्डा
भुत पिशाच भागे तुंडा
डमरू नाद गगन में गूँजे
माँ के चरणों में जग सूझे
रणचंडी जब क्रोध में आये
नव दुर्गा भी शीश झुकाए
भैरव डोले शमशान किनारे
जपे योगी माँ के जयकारे
हूँकारे से पर्वत कांपे
दुष्टों के सब भाग्य भी फाटे
रक्त ज्वाला, नेत्र प्रचण्ड
माँ का रूप अखंड अखंड
ॐ ऐं ह्रीं क्रीं चामुण्डाये विच्चे
जपे जो निशदिन संकट खींचे
तंत्र मंत्र सब माँ अधीना
कण कण बोले काली महिमा
जटा में अग्न, चरण में शक्ति
भक्तों पर बरसे माँ की भक्ति
जहाँ लागे माँ का दरबारा
मिटे तुरन्त संकट सारा
आदेश! जय माँ काली!
आदेश!
आदेश!
शब्द सांचा, पिंड काचा
फुरो मन्त्र ईश्वरो वाचा
शमशान वासिनी, काल की स्वामिनी
रक्तवर्णी,अघोर रूप धारिणी
गलमुंडमाल, खप्पर है हाथ
काली चले भैरव के साथ
भव भय हारिणी,शक्तिअपार
कर दे पल में दुष्ट संहार
जय माँ काली!
आदेश!
आदेश!
एक ही संदेश!
आदेश! आदेश!
चौसठ योगिनी, बावन वीर
जहाँ भेजूँ, वहाँ छोड़ूँ तीर
आदेश! आदेश!
आगे-आगे काली विराजे
जय माँ काली! जय माँ काली!
काल का लेखा (हे!)
पल में मोड़े (हे!)
दुष्टों का (हे!) घमंड तोड़े
ॐ क्रीं क्रीं फट!
आदेश तत्! आदेश!
जय माँ काली!
आदेश!
आदेश!
जड से चेतन, तोड़े हर बंधन
जय माँ काली!
आदेश!
आदेश!
शब्द सांचा, पिंड काचा
चलो मन्त्र ईश्वरो वाचा
हाथ त्रिशूल (हे!) और खप्पर भारी
रण में नाचे (हे!)
महाकाली अवतारी
जहाँ-जहाँ जाऊँ नगर डगर
लगे वहां फिर शक्ति का मेला
माँ की हुंकार (हे!) काल भी कांपे
भस्म हो जाए सब पाप जो तापे
जय काली! जय काली! जय काली!
कामरूप कामाख्या की आन
दसों दिशा में माँ तेरा मान
भय का नाश, करे भद्रकाली
रण में अजेय, मेरी महाकाली
रोग-शोक सब पल में काटे
रिद्धि-सिद्धि भक्तों को बांटे
मैं ना देह, मैं ना नाम
जपूँ निरंतर काली नाम
शब्द सांचा, पिंड काचा
ईश्वरो वाचा, सत्य राचा
जो कहा, सो हुआ, माँ की वाणी
ब्रह्म सत्य-
ॐ क्रीं क्रीं फट!
काल कर्म क्लेश भस्म स्वाहा!
आदेश! आदेश!
आदेश! आदेश!
शैतान खोपड़ी....
