होगा वही जो राम ने लिखा है
लिरिक्स हिंदी में
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| होगा वही जो राम ने लिखा है लिरिक्स हिंदी में |
Song - Hoga Vahi Jo Ram Ne Likha Hai
Singer - Ajay Tiwari
Music Composer/Director - Shaan Lochan Singh
Lyrics - Kanishk Sahar
होगा वही जो राम ने लिखा है
लिरिक्स हिंदी में
कदम जो लड़खड़ाए तो हथेली थाम लेता है,
मैं उससे क्या हीं मांगू जो बिना मांगे हीं देता है।
कदम जो लड़खड़ाए तो हथेली थाम लेता है,
मैं उससे क्या हीं मांगू जो बिना मांगे हीं देता है,
चिंता क्यों करे, भरोसा जिसने प्रभु पे रखा है,
राम हीं सहारा राम हीं सखा है,
होगा वही जो राम ने लिखा है ।
राम हीं सहारा राम हीं सखा है,
होगा वही जो राम ने लिखा है ।
भरोसा राम पे मुझको,
मुझे किस बात का भय हो,
अगर हो साथ रघुवर का,
मेरी कैसे पराजय हो,
नहीं बिगड़ेगा कुछ उसका,
संवारा है जिसे प्रभु ने,
उसे दुःख छू नहीं सकता,
दुलारा है जिसे प्रभु ने,
दुनिया में कोई भी नहीं जो राम से सदा है,
राम हीं सहारा राम हीं सखा है,
होगा वही जो राम ने लिखा है ।
राम हीं सहारा राम हीं सखा है,
होगा वही जो राम ने लिखा है ।
जो ये दुनिया चलाता है,
उसी के नाम पे छोड़ा,
मैं अब निश्चिन्त रहता हूँ,
है सबकुछ राम पे छोड़ा,
जो तुम हो हौसला देते,
बने सेतु भी सागर पर,
मुझे इतना हीं दे देना,
मैं तुम्हें भूलूँ ना पल भर,
कुछ भी नहीं है यहाँ जो राम के बिना है,
राम हीं सहारा राम हीं सखा है,
होगा वही जो राम ने लिखा है ।
राम हीं सहारा राम हीं सखा है,
होगा वही जो राम ने लिखा है ।
हो, होइहें सोई जो राम रचि राखा,
कोकर तर्क बढ़ावे साखा।
राम नाम जब लिखन अपारा,
पाहन तरै सिंधु की धारा।।
इसका भावार्थ यह है:-
होइहें सोई जो राम रचि राखा, कोकर तर्क बढ़ावे साखा :-
वही होकर रहेगा जो भगवान राम (विधाता) ने
पहले से रच या तय कर रखा है,
इसलिए व्यर्थ में तर्क-वितर्क करके
अपनी बुद्धि के जाल (शाखाएं) को क्यों बढ़ाना?
राम नाम जब लिखन अपारा, पाहन तरै सिंधु की धारा :-
राम नाम का प्रताप ऐसा है
और इसका स्मरण इतना असीम है
कि इसके प्रभाव से भारी पत्थर (पाहन) भी
समुद्र की लहरों (सिंधु की धारा) पर तैर जाते हैं।
यह प्रसंग हमें धैर्य, नियति पर विश्वास
और प्रभु के नाम की शक्ति का स्मरण कराता है।

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