आदेश हनुमान लिरिक्स | बाबा गोरखनाथ भजन 2026

आदेश हनुमान लिरिक्स

बाबा गोरखनाथ भजन

आदेश हनुमान लिरिक्स
आदेश हनुमान लिरिक्स

आदेश हनुमान लिरिक्स

आदेश! आदेश! आदेश!
अतुलित बल. धाम बताया!
अंजनी पुत्र. पवनसुत कहाया!
कंचन वरण. विराज सुवेसा!
कानन कुंडल. कुंचित केसा!
बजरंगी (आदेश!)
महावीरा (आदेश!)

(आदेश!)
विद्यावान गुण. अति चातुर्!
राम काज. करिबे को आतुर!
(आदेश!) (आदेश!)
सूक्ष्म रूप धरि सियहिं दिखावा!
विकट रूप धरि लंक जरावा!

भीम रूप धरि!
असुर संहारे!
रामचंद्र के!
काज संवारे!
लाय सजीवन लखन जियाये!
रघुपति (आदेश!)

जम कुबेर!
दिगपाल जहां ते!
कवि कोविद!
कहि सके कहां ते!
तुम उपकार सुग्रीवहिं कीन्हा!
राम मिलाय राज पद दीन्हा!
जुग सहस्र!
योजन पर भानू!
लील्यो ताहि मधुर फल जानू!
प्रभु मुद्रिका मेलि मुख माहीं!
जलधि लांघि गये अचरज नाहीं!
दुर्गम काज जगत के जेते!
सुगम अनुग्रह तुम्हरे तेते!
राम दुआरे तुम रखवारे!
होत न आज्ञा बिनु पैसारे!

सब सुख लहै! तुम्हारी सरना!
तुम रक्षक! काहू को डरना!
आपन तेज. सम्हारो आपै!
तीनों लोक. हांक तें कांपै!
भूत पिशाच. निकट नहिं आवै!
महावीर जब. नाम सुनावै!
नासै रोग. हरै सब पीरा!
जपत निरंतर हनुमत बीरा!

(आदेश!) (आदेश!) (आदेश!)
संकट कटै. मिटै सब पीरा!
जो सुमिरै. हनुमत बलबीरा!
जय जय जय. हनुमान गोसाईं!
कृपा करहु. गुरु देव की नाईं!
तुलसीदास को (आदेश!)
हृदय बसहु. सुर भूपति रघुपति!
आदेश! आदेश! आदेश! आदेश!

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