काली माता अमरसर हिंदी लिरिक्स (श्याम शर्मा)

काली माता अमरसर

लिरिक्स (श्याम शर्मा)

काली माता अमरसर लिरिक्स (श्याम शर्मा)
काली माता अमरसर लिरिक्स (श्याम शर्मा)

ꜱᴏɴɢ ᴛɪᴛʟᴇ- काली माता अमरसर
ꜱɪɴɢᴇʀ- shyam sharma
ʟʏʀɪᴄꜱ- shyam sharma
ᴍᴜꜱɪᴄ- vijay ji

काली माता अमरसर लिरिक्स

(श्याम शर्मा)

काली ऐ कंकाली माता अमरसर वाली
थारा भगतां को रांखजे ध्यान ये
मैया भगतां को रांखजे ध्यान ये

काली ऐ कंकाली माता अमरसर वाली
थारा भगतां को रांखजे ध्यान ये
मैया भगतां को रांखजे ध्यान ये

बैठी मंदिर में माँ काली
तू पीवे मद की प्याली
होठ पे चार इंच है लाली
थारे डूंगर की हरयाली
चोखो लाग रहयो स्थान ये
थारा भगतां को रांखजे ध्यान ये
काली ऐ कंकाली माता अमरसर वाली
थारा भगतां को रांखजे ध्यान ये
मैया भगतां को रांखजे ध्यान ये

तू छ शिवजी की पटरानी
थारी महिमा वेद म बखाणी
तू छ शिवजी की पटरानी
थारी महिमा वेद पुराण बखाणी
बेगी आजा माता राणी
म्हारी मिट ज्यागी इच्छा
खुद झुक गयो शंकर भगवान ये
थारा भगतां को रांखजे ध्यान ये
काली कंकाली माता अमरसर वाली
थारा भगतां को रांखजे ध्यान ये
मैया भगतां को रांखजे ध्यान ये

करके शेर की असवारी
सारा दाना ने तू मारी
थारे आवे छ नर नारी
लाज रांखजे तू म्हारी
दीजे सद्बुद्धि और ज्ञान ये
थारा भगतां को रांखजे ध्यान ये
काली कंकाली माता अमरसर वाली
थारा भगतां को रांखजे ध्यान ये
मैया भगतां को रांखजे ध्यान ये

डूंगर की तगड़ी चढ़ाई
थारे ऊँची-नीची खाई
महिमा रामस्वरूप गुण गाई
थारे पड़ रहयो चरणों म्हाई
थारो कर रहयो गुण और गान ये
थारा भगतां को रांखजे ध्यान ये
काली कंकाली माता अमरसर वाली
थारा भगतां को रांखजे ध्यान ये
मैया भगतां को रांखजे ध्यान ये.....

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