मीरा लिरिक्स (अरुनिता कांजीलाल)

मीरा लिरिक्स

(अरुनिता कांजीलाल)

मीरा लिरिक्स (अरुनिता कांजीलाल)
मीरा लिरिक्स (अरुनिता कांजीलाल)

Song: Meera
Singer: Arunita Kanjilal
Music Composer: Shreyas Puranik
Lyrics: Ashutosh Agnihotri

मीरा लिरिक्स (अरुनिता कांजीलाल)

मीरा की तो चाह यही है
कान्हा कह दे राह वही है
मीरा की तो चाह यही है
कान्हा कह दे राह वही है
जिसमें खुद को भूल गई वो
याद करे परवाह नहीं है
प्यार वही संसार वही है
जीत वही और हार वही है

मुझे क्या पता
कैसे किस पल जुड़ गई
डोर ये मोहन से
जो बिन बाँधे ही लिपटी उलझी
सिमटी व्याकुल तन मन में
मैं कभी होठ की बंसी थी
जो मुस्काती थी आस वही
या माखन की थी डली कहीं
जो पल पल बढ़ती प्यास वही
मन में बसता मोहन जब हो
लगता फागुन माह यही है
जिसमें खुद को भूल गई वो
याद करे परवाह नहीं है
प्यार वही संसार वही है
जीत वही और हार वही है

नाम जुड़ा हो कोई भी उस
मायावी के संग यहाँ
लेकिन दिखता सब पर ही बस
उसका ही तो रंग यहाँ
ख़ुद को राधा मानूँ जानूँ
शर्त नहीं है कोई ये
मीरा बन कर जीती हँसती
बहती गाती रोई मैं
कान्हा का जब नाम रटूँ मैं
भव सागर में नाव वही है
जिसमें खुद को भूल गई वो
याद करे परवाह नहीं है
प्यार वही संसार वही है
जीत वही और हार वही है...

टिप्पणियाँ