शिव कृपा हिंदी रैप लिरिक्स (नार्सी)

शिव कृपा हिंदी रैप

लिरिक्स (नार्सी)

शिव कृपा हिंदी रैप लिरिक्स (नार्सी)
शिव कृपा हिंदी रैप लिरिक्स (नार्सी)

Song: Shiv Kripa
Rap: Narci
Lyrics: Narci & Traditional
Music & Arrangement: Narci

शिव कृपा हिंदी रैप

लिरिक्स (नार्सी)

[प्रेमानंद महाराज]
आज जो कुछ वो भगवान शिव की ही कृपा से है।
और शिव शब्द सुनते ही, महादेव सुनते ही
हृदय में एक लहर-सी आती है।
बहुत सुंदर हैं भगवान शिव।

[हुक]
शंकर तेरी जटा से,
बाबा तेरी जटा से
बहती है गंग धारा
शंकर तेरी जटा से,
बाबा तेरी जटा से
बहती है गंग धारा
शंकर तेरी जटा से,
बाबा तेरी जटा से

[नार्सी]
फिर मौका दे दो शंभु, पाप किए सारे धो दूँगा
मैं भटका प्राणी था, अब धाम तेरे ही लौटूँगा
कुछ पल क्या दूर हुआ मैं भोले से तो खालीपन
दिल भारी हो चला मेरा, गाते-गाते मैं रो दूँगा
प्रभु आभारी दिन दिखाए जब खाया था रूखा-सा
प्रभु आभारी भूखे पल में नहीं किसी ने पूछा था
प्रभु आभारी दिल से हूँ जो दिन दिखाए बुरे मुझे
प्रभु आभारी तेरी वजह से घर में जलता चूल्हा है
जेबों में न था जो पैसा, मुझे महाकाल बोले रख पास सबर
आएगा समय जब तेरा हर प्राणी चलेगा तेरे साथ डगर
टूट गया कल ख़्वाब अगर तू गलती से नीचे न करना नज़र
नाम जपे भोले का मेरे अधर, मैं आगे बढ़ा बस रख के सबर
देख ले उन आँखों को भोले, दर्दों में जो सोई नहीं
देख ले उन आँखों को भोले, तुझ में ही जो खोई रही
दुनिया सोचि बैठी होगी क्या पता वो पागल है
क्या पता उन सब के पास तेरे सिवा और कोई नहीं

[प्रेमानंद महाराज]
जैसे राम जी से प्रेम, कृष्ण जू से प्रेम,
ऐसे शिव-प्रेमी भी हैं — कट्टर।
एकदम अनन्य, नरक-स्वर्ग की कोई परवाह नहीं,
और उनसे प्यार करने वाले।

[हुक]
डमरू निनाद बाजे
डमरू निनाद बाजे
कर में त्रिशूल धारा
शंकर तेरी जटा से

[नार्सी]
बैठा मैं तो भैरु की बातों में गुम
मैं तो काशी की रातों की साँसों में गुम
बैठा काशी के घाटों पे घावों को चुन
बैठा भावों को बुन, मेरे बाबा की धुन
स्वामी लो सुन, पढ़ो आँखों को तुम
प्राणों में तुम, मेरे ख़्वाबों में तुम
झाँकोगे तुम यदि भावों को तुम
गीतों में देखोगे प्राणों को तुम

मनमोहन त्रिलोचन, तेरे दास माँगे तोसे विमोचन
प्रलोभन छोड़ मैं आया करो मेरे पाप सारे विलोपन
विरोचन आप यदि सुधार करोगे मुझे में ना
भटका मन ये कर लेगा पाप परात से फिर भोजन

दूर नहीं मुझे करना भोले, जानूँ मैं तो पापी हूँ
कोशिशें भी करता हूँ, न भर गलानि से छाती दूँ
एक बचा मेरा माझी तू, मेरे पास बचा मैं बाकी हूँ
इस आँधी में साथी तू, फिर न उड़े ये पाखी क्यूँ?

देख ले उन आँखों को भोले, दर्दों में जो सोई नहीं
देख ले उन आँखों को भोले, तुझ में ही जो खोई रही
दुनिया सोचि बैठी होगी क्या पता वो पागल है
क्या पता उन सब के पास तेरे सिवा और कोई नहीं

[प्रेमानंद महाराज]
हमने काशी में देखे हैं
एक से एक महापुरुष भगवान शिव की आराधना में तन्मय
संपूर्ण विषयों के त्यागी, बैरागी

[हुक]
बाबा तेरी जटा से
शंकर तेरी जटा से
बाबा तेरी जटा से
बहती है गंग धारा
शंकर तेरी जटा से
बाबा तेरी जटा से...

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