दुविधा मेरे कृष्ण की रैप लिरिक्स

दुविधा मेरे कृष्ण की 

रैप लिरिक्स

दुविधा मेरे कृष्ण की हिंदी रैप लिरिक्स
दुविधा मेरे कृष्ण की रैप लिरिक्स

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Rap and Lyrics by lucke

दुविधा मेरे कृष्ण की 

हिंदी रैप लिरिक्स

दुःख शुरू थे मेरे जन्म से पहले
जन्म से पहले मेरी मौत इंतज़ार मे ।
कैसे कंहू कहानियाँ
अब सुनो पूरी लंबी कतार में ॥

जन्म हुआ मेरा जेल में
माँ बाप का चेहरा मैने देखा नही।
रोती रही माँ देवकी
जुदाई मिली मुझे भेंट में ॥

मामा से मिला उपहार ये
मेरे मात पिता लाचार थे।
छः भाईयो को मारा सामने
आँसू थे माँ की आँखों मे ॥

वैसे तो था भगवान् मैं
अजीब सा ये खेल है ।
मेरे मात पिता मेरे देवता
वो दोनों ही थे जेल में ॥

कर्तव्य मिले मुझे जन्म से
बचपन बीता संघर्ष मे ।
जिस माँ ने पाला पोषा मुझे
उससे भी हो गया दूर मैं ॥

विधि का क्या विधान था
क्या लेख लिखा था कर्मों का ।
तुम ठीक से रो तो लेते हो
मैं रो भी ना पाया चैन से ॥

कहने को मैं सब कुछ था
मैं राजा भी मैं रंक भी ।
कष्ठो से भरा था जीवन मेरा
दुःखो का मेरे अंत नि ॥

खेल कूद की उम्र में
कर्तव्य मेरे अनेक थे ।
छुड़वाना था मेरे माता पिता को
कई बरसों से कैद थे ॥

धर्म के चलते कर्म से
वो वृंदावन भी छोड़ दिया ।
मथुरा की उन गलियों से भी
अपना दामन मोड़ लिया ॥

वृंदावन के साथ साथ।
किस्मत भी मेरी रूठ गई ।
प्राणों से प्रिय मेरी वो
राधा रानी छूट गई ॥

बांसुरी को भी त्याग दिया
सब छोड़–छाड़ के दूर गया ।
सुदर्शन धारण करके कान्हा
धुन मुरली की भूल गया ॥

धर्म बचाने की खातिर अब
हस्तिनापुर को चला गया मैं ।
माखन चोरी करता था कभी
न्यायधीश अब बन गया ॥

समय का चक्र अजीब था
में जीत के भी हार गया ।
धर्म बचाने वाले को
दुनिया ने कपटी बता दिया ॥

तरह तरह के श्राप मिले
अश्रु की बूंदे सुख गयी ।
माँ गांधारी के श्राप से
मेरी द्वारिका नगरी डूब गयी ॥

मेरी बाँसुरी भी छूट गयी
मेरी द्वारिका भी डूब गयी ।
मैंने क्या ही पाया जीवन से
जब प्रेमिका ही दूर गयी ॥

विश्राम करने लेटा था मैं
तीर पैर में आ लगी ।
तुम जीते ज़िंदगी चैन से
मुझे मौत चैन की ना मिली ॥

मानव के इस रूप में
मैंने जाने क्या क्या देखा ।
मेरे वंश का पतन देखा
बर्बरीक का मस्तक देखा ॥

द्रौपदी का चीरहरण
अभिमन्यु का अकाल मरण ।
कुरूक्षेत्र की भूमि मे
भारी भरकम विध्वंश देखा ॥

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