वृंदावन मेरो वृन्दावन लिरिक्स

वृंदावन मेरो वृन्दावन लिरिक्स

वृंदावन मेरो वृन्दावन लिरिक्स
वृंदावन मेरो वृन्दावन लिरिक्स

Composed by : Shri Indresh Upadhyay
Lyrics : Shri Indresh Upadhyay
Music - Recreated by : Vickky Agarwal

वृंदावन मेरो वृन्दावन लिरिक्स

श्यामा हृदय कमल सो प्रगट्यौ
श्यामा हृदय कमल सो प्रगट्यौ
और श्याम हृदय कू भाए
वृन्दावन प्यारो वृन्दावन,
वृन्दावन प्यारो वृन्दावन,
वृंदावन मेरो वृन्दावन
वृंदावन मेरो वृन्दावन

सब सुख सागर रूप उजागर,
रहे वृंदावन धाम
सब सुख सागर रूप उजागर,
रहे वृंदावन धाम
रूप गोस्वामी प्रगट कियो जहा
रूप गोस्वामी प्रगट कियो जहा
गोविंद रूप निधान
वृन्दावन प्यारो वृन्दावन,
वृन्दावन प्यारो वृन्दावन,
वृंदावन मेरो वृन्दावन
वृंदावन मेरो वृन्दावन

बिहरत निसदिन कुंज गलीन में
ब्रज जन मन सुख धाम
बिहरत निसदिन कुंज गलीन में
ब्रज जन मन सुख धाम
मदन मोहन को रुप निरख के,
मदन मोहन को रुप निरख के,
सनातन बली बली जाए
वृन्दावन प्यारो वृन्दावन,
वृन्दावन प्यारो वृन्दावन,
वृंदावन मेरो वृन्दावन
वृंदावन मेरो वृन्दावन

गोपी ग्वाल सब हिय उर धारे,
प्यारो गोपीनाथ
गोपी ग्वाल सब हिय उर धारे,
प्यारो गोपीनाथ
मधुसूदन जिन कंठ लगायो,
मधुसूदन जिन कंठ लगायो,
जहा है रही जय जय कार
वृन्दावन प्यारो वृन्दावन,
वृन्दावन प्यारो वृन्दावन,
वृंदावन मेरो वृन्दावन
वृंदावन मेरो वृन्दावन

गोपाल भट्ट कि हृदय वेदना,
प्रगट्यौ शालिग्राम
गोपाल भट्ट कि हृदय वेदना,
प्रगट्यौ शालिग्राम
रुप सुधा को रवान हमारो,
रुप सुधा को रवान हमारो,
श्री राधारमण जु लाल
वृन्दावन प्यारो वृन्दावन,
वृन्दावन प्यारो वृन्दावन,
वृंदावन मेरो वृन्दावन
वृंदावन मेरो वृन्दावन

आतुर है हरिवंश पुकारो,
राधा राधा नाम
आतुर है हरिवंश पुकारो,
राधा राधा नाम
सघन कुंज यमुना तट आयो,
सघन कुंज यमुना तट आयो,
श्री राधावल्लभ लाल
वृन्दावन प्यारो वृन्दावन,
वृन्दावन प्यारो वृन्दावन,
वृंदावन मेरो वृन्दावन
वृंदावन मेरो वृन्दावन

युगल किशोर कु लाड लडायो,
नवल कुंज हिय माए
युगल किशोर कु लाड लडायो,
नवल कुंज हिय माए
कुंज निकुंजन कि रज धारे,
कुंज निकुंजन कि रज धारे
व्यास युगल यश गाए
वृन्दावन प्यारो वृन्दावन,
वृन्दावन प्यारो वृन्दावन,
वृंदावन मेरो वृन्दावन
वृंदावन मेरो वृन्दावन

भुवन चतुर्दश की सुंदरता,
निधीवन करत बिहार
भुवन चतुर्दश की सुंदरता,
निधीवन करत बिहार
श्यामा प्यारी कुंज बिहारी,
श्यामा प्यारी बाके बिहारी
और जय जय श्री हरिदास
वृन्दावन प्यारो वृन्दावन,
वृन्दावन प्यारो वृन्दावन,
वृंदावन मेरो वृन्दावन
वृंदावन मेरो वृन्दावन

जिनकी कृपा से यह रस प्रगट्यौ,
वृंदावन अभिराम
जिनकी कृपा से यह रस प्रगट्यौ,
वृंदावन अभिराम
सप्तनिधीन को हिय उजियारो,
हम सब को है प्राण पियारो
हमारो गिरधर लाल
वृन्दावन प्यारो वृन्दावन,
वृन्दावन प्यारो वृन्दावन,
वृंदावन मेरो वृन्दावन
वृंदावन मेरो वृन्दावन...

टिप्पणियाँ

बेनामी ने कहा…
अति सुन्दर भजन
बेनामी ने कहा…
बहुत भाग्यशाली हैं वे जिन्हें वृन्दावन धाम के दर्शन प्राप्त होते हैं
बेनामी ने कहा…
आत्मा को अदभुत अनुभूति मिलती है इस भजन से जिसे शब्दों में बयान नहीं किया जा सकता है
श्री जी की कृपा हमेशा यूं बनीं रहे
जय श्री राधे राधे
Kk ride 009 ने कहा…
ये भजन इतना मधुर है कि अब हर वक्त जुबा पर ये भजन करते हैं हम ..... जीवन में अब ये ही सोच है कि अपना कर्म करना और वृन्दावन प्यारो वृन्दावन के दर्शन ... श्री राधे
बेनामी ने कहा…
madhuratimadhur
बेनामी ने कहा…
Jay Jay Shri Radhe Shyam
बेनामी ने कहा…
इतना प्यारा भजन है जब से सुना है बस यही गुनगुनाते है,,
बेनामी ने कहा…
Jai ho balihariiiii itna सुन्दर mn को mohne वाला भजन h
बेनामी ने कहा…
Shree Indresh जी pr Shree जी की कृपा एसे hi बनी रहे
बेनामी ने कहा…
Ati sunder Radhe Radhe