मंगल भवन अमंगल हारी
हिंदी लिरिक्स-मनजीत पाण्डेय
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मंगल भवन अमंगल हारी लिरिक्स |
Song : Mangal Bhavan Amangal Haari
Singer : Manjit Pandey
Music : Manjit Pandey
Lyrics : Traditional
मंगल भवन अमंगल हारी लिरिक्स
हो... मंगल भवन अमंगल हारी
द्रबहु सु दसरथ अजर बिहारी
राम सिया राम सिया राम जय जय राम
राम सिया राम सिया राम जय जय राम
हो... हरि अनन्त हरि कथा अनन्ता
कहहि सुनहि बहुविधि सब संता
राम सिया राम सिया राम जय जय राम
राम सिया राम सिया राम जय जय राम
हो... रघुकुल रीत सदा चली आई
प्राण जाए पर वचन न जाई
राम सिया राम सिया राम जय जय राम
राम सिया राम सिया राम जय जय राम
हो... होई है वही ही जो राम रचि राखा
को कर तर्क बढ़ाए साखा
राम सिया राम सिया राम जय जय राम
राम सिया राम सिया राम जय जय राम
हो... ममता रत सन ग्यान कहानी।
अति लोभी सन बिरति बखानी॥
राम सिया राम सिया राम जय जय राम
राम सिया राम सिया राम जय जय राम
हो... क्रोधिहि सम कामिहि हरिकथा।
ऊसर बीज बएँ फल जथा॥
राम सिया राम सिया राम जय जय राम
राम सिया राम सिया राम जय जय राम
हो... अस कहि रघुपति चाप चढ़ावा।
यह मत लछिमन के मन भावा॥
राम सिया राम सिया राम जय जय राम
राम सिया राम सिया राम जय जय राम
हो... संधानेउ प्रभु बिसिख कराला।
उठी उदधि उर अंतर ज्वाला॥
राम सिया राम सिया राम जय जय राम
राम सिया राम सिया राम जय जय राम
हो... लछिमन बान सरासन आनू।
सोषौं बारिधि बिसिख कृसानु॥
राम सिया राम सिया राम जय जय राम
राम सिया राम सिया राम जय जय राम
हो... सठ सन बिनय कुटिल सन प्रीति।
सहज कृपन सन सुंदर नीति॥
राम सिया राम सिया राम जय जय राम
राम सिया राम सिया राम जय जय राम
हो... मकर उरग झष गन अकुलाने।
जरत जंतु जलनिधि जब जाने॥
राम सिया राम सिया राम जय जय राम
राम सिया राम सिया राम जय जय राम
हो... कनक थार भरि मनि गन नाना।
बिप्र रूप आयउ तजि माना॥
राम सिया राम सिया राम जय जय राम
राम सिया राम सिया राम जय जय राम
हो... सभय सिंधु गहि पद प्रभु केरे ।
छमहु नाथ सब अवगुन मेरे ॥
राम सिया राम सिया राम जय जय राम
राम सिया राम सिया राम जय जय राम
हो... गगन समीर अनल जल धरनी ।
इन्ह कइ नाथ सहज जड़ करनी ॥
राम सिया राम सिया राम जय जय राम
राम सिया राम सिया राम जय जय राम
हो... तव प्रेरित मायाँ उपजाए।
सृष्टि हेतु सब ग्रंथनि गाए॥
राम सिया राम सिया राम जय जय राम
राम सिया राम सिया राम जय जय राम
हो... प्रभु आयसु जेहि कहँ जस अहई।
सो तेहि भाँति रहें सुख लहई॥
राम सिया राम सिया राम जय जय राम
राम सिया राम सिया राम जय जय राम
हो... बंदउँ गुरु पद पदुम परागा,
सुरुचि सुबास सरस अनुरागा।
राम सिया राम सिया राम जय जय राम
राम सिया राम सिया राम जय जय राम
हो... अमिअ मूरिमय चूरन चारू,
समन सकल भव रुज परिवारू॥
राम सिया राम सिया राम जय जय राम
राम सिया राम सिया राम जय जय राम
हो... श्री गुरु पद नख मनि गन जोती।
सुमिरत दिब्य दृष्टि हियँ होती॥
राम सिया राम सिया राम जय जय राम
राम सिया राम सिया राम जय जय राम
हो... दलन मोह तम सो सप्रकासू।
बड़े भाग उर आवइ जासू॥
राम सिया राम सिया राम जय जय राम
राम सिया राम सिया राम जय जय राम
हो... उघरहिँ बिमल बिलोचन ही के।
मिटहिँ दोष दुःख भव-रजनी के॥
राम सिया राम सिया राम जय जय राम
राम सिया राम सिया राम जय जय राम
हो... सूझहिँ रामचरित-मनि-मानिक।
गुपत प्रगट जहाँ जो जेहि खानिक॥
राम सिया राम सिया राम जय जय राम
राम सिया राम सिया राम जय जय राम
हो... बामदेव रघुकुल गुर ग्यानी।
बहुरि गाधिसुत कथा बखानी॥
राम सिया राम सिया राम जय जय राम
राम सिया राम सिया राम जय जय राम
हो... सुनि मुनि सुजसु मनहिं मन राऊ।
बरनत आपन पुन्य प्रभाऊ॥
राम सिया राम सिया राम जय जय राम
राम सिया राम सिया राम जय जय राम

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