पता नहीं किस रूप में आके नारायण मिल जाएंगे हिंदी लिरिक्स Part-2 (स्वाति मिश्रा)

पता नहीं किस रूप में आके

नारायण मिल जाएंगे लिरिक्स

Part-2 (स्वाति मिश्रा)

पता नहीं किस रूप में आ के नारायण मिल जाएंगे लिरिक्स (स्वाति मिश्रा)
पता नहीं किस रूप में आ के नारायण मिल जाएंगे लिरिक्स (स्वाति मिश्रा)

Song: Pata Nhi Kis Roop Me Aa Ke
Narayan Mil Jayega
Lyrics : Swati Mishra
Singer: Swati Mishra
Music : Mohit Musik

पता नहीं किस रूप में आके

नारायण मिल जाएंगे लिरिक्स

Part-2 (स्वाति मिश्रा)

खुद को मान के ऊँचा तुम किस अहंकार में उलझे हो,
सब तो एक प्रभु से जन्में क्या इस बात को समझे हो,

खुद को मान के ऊँचा तुम किस अहंकार में उलझे हो,
सब तो एक प्रभु से जन्में क्या इस बात को समझे हो,
खत्म करो ये ऊँचा नीचा सबको प्रभु ने प्रेम से सींचा,
हो जाओ सब एक नहीं तो...
पता नहीं....
पता नहीं किस रूप में आके नारायण मिल जाएंगे,
मैला सा मन देख तुम्हारा पीड़ा से भर जाएंगे,

पता नहीं किस रूप में आके नारायण मिल जाएंगे,
मैला सा मन देख तुम्हारा पीड़ा से भर जाएंगे,
पता नहीं किस रूप में आके.....

गर कभी तेरे संतान की जान पे बन गई बात,
उसकी जान बचाने वाले की पूछेगा क्या जात,

"डॉक्टर से कभी उसकी जात पूछी है "

गर कभी तेरे संतान की जान पे बन गई बात,
उसकी जान बचाने वाले की पूछेगा क्या जात,
नीच कहेगा या तू उसमें देखेगा भगवान,
चूर हो जाएगी इस दिन तेरी झूठी शान,
दो कौड़ी के भाव तेरे अभिमान धरे रह जाएंगे
मैला सा मन देख तेरा प्रभु पीड़ा से भर जाएंगे,

पता नहीं किस रूप में आके नारायण मिल जाएंगे,
मैला सा मन देख तुम्हारा पीड़ा से भर जाएंगे,
पता नहीं किस रूप में आके.....

मारते हो पशुओं को जिनको ईक रोटी की आस
काटते हो मासूमों को खाते उनकी लाश

मारते हो पशुओं को जिनको ईक रोटी की आस
काटते हो मासूमों को खाते उनकी लाश
फिर जाते हो जल भर के पशुपतिनाथ के पास,
पेट को शमशान बनाकर रखते हो उपवास,
ईक-ईक करके जब तेरे पाप गिनाए जाएंगे,
तब तुमको देने को सजा नारायण सामने आएंगे....

पता नहीं किस रूप में आके नारायण मिल जाएंगे,
मैला सा मन देख तुम्हारा पीड़ा से भर जाएंगे,
पता नहीं किस रूप में आके.....

है समय तू मांग ले माफी अपने कर्मों की
है बड़ा दिल माफ करेगा उपर वाला भी

है समय तू मांग ले माफी अपने कर्मों की
है बड़ा दिल माफ करेगा उपर वाला भी
बन सहारा उनका जिनका जग में कोई नहीं,
पेट भर तू भूखों का रख मन में करुणा भी,
शायद तुझसे खुश हो प्रभु तेरी सजा माफ कर जाएंगे,
निर्मल मन के दर्पण में जब राम के दर्शन पाएंगे,

पता नहीं किस रूप में आके नारायण मिल जाएंगे,
मैला सा मन देख तुम्हारा पीड़ा से भर जाएंगे,
पता नहीं किस रूप में आके.....

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