आदेश कृष्णा लिरिक्स
अलख निरंजन
| आदेश कृष्णा लिरिक्स । अलख निरंजन |
आदेश कृष्णा लिरिक्स
अलख निरंजन
मैं ही आदि हूँ... मैं ही अनंत!
सृष्टि का सृजन... और मैं ही अंत!
देवकी नंदन! वासुदेव में!
हर प्राणी में. सदैव में!
मथुरा जन्मा. कारागार में!
शेषनाग. पहरेदार में!
गोकुल का हूं. ग्वाल में!
कालिया का हूं. काल में!
सत्य सनातन. मेरा वेश!
मिटे सकल. अज्ञान कलेश!
मैं हूँ कृष्ण!
माया मेरी. मेरा ही खेल!
ब्रह्मांड सारा. मुझमें ही मेल!
मैं हूँ कृष्ण! मैं हूँ कृष्ण!
चक्र सुदर्शन. हाथों में साजे!
तीनों लोक में. कृष्ण जागे!
रास रचाता! बांसुरी बजती!
मेरे पग से! धरती कंपती!
ओम क्लीं कृष्णाय!
मेरी वाणी ब्रह्म !
मैं हूँ कृष्ण! चक्र सुदर्शन! कृष्ण! कृष्ण!
मृत्यु भी करती. मेरा वंदन!
मै ही रचयिता. मै ही खंडन!
मैं हूँ कृष्ण! मैं हूँ कृष्ण!
कर्म ही पूजा. कर्म ही सत्य!
देख लो मेरा. विराट नृत्य!
कुरुक्षेत्र का! मैदान हूँ मैं!
गीता का! ज्ञान हूँ मैं!
पांडव का मैं. रथ चलाता!
दुर्योधन का. भाग्य विधाता!
द्रौपदी की! लाज हूँ मैं!
भीष्म का! त्याग हूँ मैं!
हूँ फट्! हूँ फट्! हूँ फट्!
चक्र सुदर्शन. भगवा धारी!
कुरुक्षेत्र मै. सब पर भारी!
गांडीव की टंकार. भी मैं!
अधर्म का संहार. भी मैं!
मै ही त्याग. मै ही दान!
दानवीर का. रखता मान!
अश्वत्थामा का. घाव भी मैं!
शकुनि की काली. छांव भी मैं!
न मैं बंधन. न मैं मुक्त!
मैं हूँ सारी. शक्ति से युक्त!
शब्द भी मेरा. मौन भी मेरा!
उजाला मेरा. गौन भी मेरा!
देख पार्थ तू. मेरा आकार!
मुझमें ही जन्मा. ये संसार!
ओम क्लीं कृष्णाय फट्!
सब कुछ मुझमें. भस्म स्वाहा!
मैं हूँ कृष्ण!
मैं हूँ कृष्ण!
मैं हूँ कृष्ण!
गोविंदा!
शरण आओ. त्यागो अभिमान!
मैं ही ईश्वर. मैं ही भगवान!
मोर मुकुट. कानों में कुंडल!
कंपित कर दूँ. ये भू-मंडल!
योगेश्वर को. आदेश!
जन्म जन्म के. काटो कलेश!
मैं ही मार्ग. मैं ही गंतव्य!
मैं ही धर्म. मैं ही कर्तव्य!
अजेय हूँ मैं!
अमर हूँ मैं!
अटल हूँ मैं!
अनंत हूँ मैं!
कर्म प्रधान. आत्मा अजर!
विश्वरूप विराट नज़र!
मैं हूँ कृष्ण! चक्र सुदर्शन! कृष्ण!
सब में मैं. मुझमें सब!
सृष्टि के अंत. तक मेरा जप!
मैं हूँ कृष्ण! मैं हूँ कृष्ण!
मैं हूँ कृष्ण! मैं हूँ कृष्ण!
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