चढ़ा कृष्ण का रंग
लिरिक्स (स्वस्ति मेहुल)
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चढ़ा कृष्ण का रंग लिरिक्स (स्वस्ति मेहुल) |
Song: Chadha Krishna Ka Rang
Singer: Swasti Mehul
Lyrics - Shubham Agrawal
Music Producer - Yash Tiwari
Label- 3AM Records
चढ़ा कृष्ण का रंग
लिरिक्स (स्वस्ति मेहुल)
घर-बार छोड़ आई,
सारे नाते तोड़ आई
कान्हा बुलाए मुझको,
जग को मैं बोल आई
हूँ..., बोला ज़माने ने,
वो कृष्ण है बड़ा दुखदाई
दुःख की तलाश में
मैं हर सुख छोड़ आई
जल की धारा तू,
मैं प्यासी बन जाऊँ
तेरे चरण की मैं
दासी बन जाऊँ
कि मुझपे चढ़ा कृष्ण का रंग,
दुनिया रंग-बिरंगी लागे
मैं नाचूँ भूल के सारे ढंग,
जब-जब मुरली तेरी बाजे
मुझपे चढ़ा कृष्ण का रंग,
दुनिया रंग-बिरंगी लागे
मैं नाचूँ भूल के सारे ढंग,
जब-जब मुरली तेरी बाजे
मैं भटक रही हूँ नदियों सी,
मुझे आकर तुझमें मिलना है
दौड़ी आई मैं वृंदावन,
मुझे कान्हा के संग रहना है
मेरी प्रीत कोई ना जाने,
कोई तुझको ना पहचाने
मैं एक अकेली दुनिया में,
मेरा इतना ही कहना है
जल की धारा तू,
मैं प्यासी बन जाऊँ
तेरे पास जिऊँ,
तेरे पास ही मर जाऊँ
कि मुझपे चढ़ा कृष्ण का रंग,
दुनिया रंग-बिरंगी लागे
मैं नाचूँ भूल के सारे ढंग,
जब-जब मुरली तेरी बाजे
मुझपे चढ़ा कृष्ण का रंग,
दुनिया रंग-बिरंगी लागे
मैं नाचूँ भूल के सारे ढंग,
जब-जब मुरली तेरी बाजे...
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