तू ही अन्त तू अनन्त है लिरिक्स
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| तू ही अन्त तू अनन्त है भजन लिरिक्स |
Song: Tu Anant - Shiv Stuti
Lyrics: Rudra Pratap Singh
Singer: KRISHNA
Music Composer: Apoorvv Paliwal
Label: Wild Buffaloes Music
तू ही अन्त तू अनन्त है लिरिक्स
तू ही अन्त तू अनन्त है
चराचर मे तू ...
जय महाकाल ....
तू ही अन्त तू अनन्त है
चराचर मे तू ....
जय महाकाल ....
मेरे माथे जो लगा उस चन्दन में तू ।
श्रष्ठी का जीव से है जो नाता वो तू ।।
तू ही अन्त तू अनन्त है
चराचर मे तू ....
तू ही अन्त तू अनन्त है
चराचर मे तू ...
जय महाकाल ....
हे नागधारी त्रिनेत्रधारी ,
शम्भू विशाला गले रुंड माला ।
जटा गंग साजे संग नंदी विराजे ,
हे पालक जगत का विनाशक भी तू ।।
तू ही अन्त तू अनन्त है
चराचर मे तू ...
तू ही अन्त तू अनन्त है
चराचर मे तू ...
जय महाकाल ....
निराकार आकर साकार पतवार ,
निराधार आधार आभार ओंकार ।
सकल श्रष्ठी अनुराग और राग-बेराग ,
जो हलाहल पिये वो सदाशिव है तू ।।
तू ही अन्त तू अनन्त है
चराचर मे तू .....
तू ही अन्त तू अनन्त है
चराचर मे तू ....
तू ही अन्त तू अनन्त है
चराचर मे तू ....
जय महाकाल ....
जय महाकाल ....
जय महाकाल ....

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